“शिक्षा में बाल कहानियों का महत्त्व” पुस्तक बाल साहित्य की शक्ति और उसके शैक्षिक महत्व को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक बताती है कि बाल कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के निर्माण की आधारशिला हैं।
पुस्तक में हिंदी बाल साहित्य के स्वरूप, विकास, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक प्रभावों का सरल और सारगर्भित अध्ययन किया गया है। पंचतंत्र, हितोपदेश तथा आधुनिक बाल कहानियों के माध्यम से बाल मन को समझने का सुंदर प्रयास इसमें दिखाई देता है।
यह कृति शिक्षकों, अभिभावकों, शोधार्थियों और बाल साहित्य के अध्येताओं के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका है। “शिक्षा में बाल कहानियों का महत्त्व” नई पीढ़ी को संवेदनशील, जागरूक और संस्कारित बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

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