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भारत में पंचायती राज

Panchayati Raj In India (Hindi)

395.00

ISBN: 8179060578
ISBN 8179060578
Name of Authors Dr. Vedan Sudhir , Arun Chaturvedi , Giriraj Sharma
Name of Authors (Hindi) डॉ. वेदान सुधीर, अरुण चतुर्वेदी, गिरिराज शर्मा
Edition 1st
Book Type Hard Back
Year 2004
Pages 189

73 वे संविधान संशोधन के परिणामस्वरूप पंचायतीराज संस्थाओं में के संस्थागत स्वरुप उनके अधिकार तथा दायित्वों में भारी परिवर्तन आया है| साथ ही समाज के हाशिये पर बैठी पिछड़ी जातियां तथा महिला आरक्षण के प्रावधानों से नेतृत्व का बिलकुल ही नया स्वरुप उभर रहा है| सत्ता और अधिकारों के क्षेत्र में विकेंद्रीकरण के ये सभी प्रयास एक परिवर्तनकारी मोड़ के संकेत डे रहे है| ग्रामीण अंचल की इन संस्थाओं में हजारों हजार महिलाएँ जनप्रतिनिधि में नई आशाएँ और आकाक्षाएं भी जागृत हो रही है| एक नया गैर-परम्परागत नेतृत्व का उदय हो रहा है| महिला नेतृत्व की अपनी अलग पहचान बन रही है| अवधारणा और व्यावहारिक धरातल के बीच गतिरोध के चिन्ह भी विद्यमान | राजनीतिक और आकादमिक अभिजन का अपना कल्पना लोक हैं जबकि यथार्थ के धरातल जो घटित हो रहा है और इस व्यवस्था के परिसंचालन में जो चिन्ह उभर रहे हैं उनका गंभीरता से अध्ययन विश्लेषण इनसे कौसों दूर है| इस पुस्तक में पंचायतीराज के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, कल्पना और यथार्थ महिलाओं और भागीदारी से उपजे प्रश्न तथा त्रणमूल स्तर पर उभरते नेतृत्व जैसे शीर्षकों के अन्तर्गत सन्दर्भगत समस्याओं का विवेचन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है| प्रस्तुत अध्ययन में राजस्थान के साथ - साथ मध्यप्रदेश, बिहार और आंध्रप्रदेश में कार्यरत पंचायतों की वास्तु: स्थिति का लेखा-जोखा है| पंचायती राज की संस्थाओं में हगन रूचि रखने वाले अध्येताओं के लिए सामग्री काफी उपयोगी सिद्ध होगी|

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