यह पुस्तक महारण फतहसिंह जी के जन्म, प्रारम्भिक जीवन, कार्य और सिहांसन रोहण से 45 वर्षो के राज्यकाल का दिग्दर्शन है| मेवाड़ में ब्रिटिश – हस्तक्षेप, सामन्तो से सम्बन्ध , ठिकानों के विवाद, 1903 व 1911 के दिल्ली दरबार, रेल्वे की स्थापना, सैन्यदल का गठन, पन्नालाल की विमुक्ति, अफीम उत्पादन, पुलिस व्यवस्था, अम्रक खानों की खुदाई, राजनैतिक जन-जागरण आदि विषयों को लेकर अंग्रेजों की नाराजगी, जिसकी परिणीती ब्रिटिश-हकुमत के दबाब से महाराज कुमार को सत्ता का विकेन्द्रीकरण था| ऐसा अनोखी मिसाल शायद ही कही मिल सके| ब्रिटिश सरकार महाराणा को चिनगारी मानती थी जो कभी भी लौ बन सकती थी अतः उसका प्रयास उन्हें बुझाने का ही रहा| अनन्तः 24 मई सन 1930 ई. को महाराणा का स्वर्गवास हो गया| इसके साथ ही मेवाड़ के इतिहास का एक जाज्वल्यमान-सितारा हमेशा के लिये अस्त हो गया|
महाराणा फ़तेह सिंह जी एवं उनका काल (1884-1930 ई.)
Maharana Fateh Singh Ji And His Period (1884-1930 AD)
₹295.00
Order on WhatsApp| ISBN | 8185167648 |
|---|---|
| Name of Authors | Lakshmi Agrawal |
| Name of Authors (Hindi) | लक्ष्मी अग्रवाल |
| Edition | 1st |
| Book Type | Hard Back |
| Year | 1993 |
| Pages | 208 |
डॉ. लक्ष्मी अग्रवाल उदयपुर में जन्मी| आप सन 1964ई. से शिक्षण कार्य से जुडी है| आपने प्रारम्भिक कक्षाओं को पढ़ाते हुए प्रगति की चरम सीमा में पहुँचते हुए राजस्थान – विद्यापीठ – विश्वविद्यालय के इतिहास- विभाग में सहायक – आचार्य का कर्म भार लिया| इसी पद पर आप आज भी कार्यरत हैं| मेवाड़ के इतिहास – शोध पर आपकी विशेष रूचि है| आप एक समाज सेविका के साथ – साथ सफल गृहिणी भी हैं| आप दो बार विदेश यात्रा पर अमेरिका, केनाडा, थाइलैंड, जापान और हाँगकॉग भ्रमण में आपने वहाँ की कला, संक्राति और इतिहास का गहन अध्ययन किया|

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