नाम : प्रो. निर्मल गर्ग, सेवानि. विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजस्थान सरकार
जन्म तिथि : 30 नवम्बर
जन्म स्थान : उदयपुर, राजस्थान
माता – पिता का नाम: श्रीमती चन्द्रकान्ता गर्ग एवं श्री गौरीशंकर गर्ग ‘सत्यानन्द’
शिक्षा : स्नातक – दर्शनशास्त्र ऑनर्स (स्वर्ण पदक), स्नातकोत्तर: दर्शनशास्त्रः पी. एच. डी.
साहित्यिक विधाएँ: काव्य, आलेख एवं शोध – पत्र ।
प्रकाशन :
विश्व के प्रमुख धर्मों में धर्म समभाव की अवधारणा (भारत के राष्ट्रपति की ओर से अनुबंध), भारत सरकार; दर्शनशास्त्र परिभाषा कोष परिवर्धनः अस्तित्ववादः एक पर्यावलोकन: तुलनात्मक धर्म दर्शन (सहलेखक)। कई अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय जर्नल्स, पुस्तकों एवं पत्र पत्रिकाओं में 25 से अधिक शोध – पत्रों का प्रकाशन, उदयपुर, बांसवाड़ा एवं जयपुर आकाशवाणी से कई शोध वार्ताओं तथा काव्य रचनाओं का प्रसारण; मधुमती, अदबी उड़ान, सत्यभक्त भावना, कारवाँ, लोकजन, लफ़्ज़ों की महफ़िल, नवरंग, निर्दलीय, राजस्थान पत्रिका आदि कई पत्र पत्रिकाओं तथा साझा संकलनों में काव्य रचनाएँ तथा विविध आलेख प्रकाशित।
सम्पादित कृतियाँ: ।. धर्म सन्देश 2. सुराज्य: क्या, क्यों, कैसे?
साझा संकलन : युगनाद, युग मन्थन, कारवाँ, रिश्तों की महक, गागर बनी सागर, आदिवासी अंचल से आदि।
पुरस्कार / सम्मान :
युगधारा मुक्ता लक्ष्मी साहित्यिक सम्मान; वैश्विक साहित्य सम्मान; काव्य शिरोमणि अलंकरण।
विषय विशेषज्ञ के रूप में चयनित एवं सम्मानितः राष्ट्रीय गुण गौरव से विभूषितः वर्ल्ड पीस कांग्रेस -2005 में राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व (अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर): भारत शिक्षा रत्न अवॉर्ड; राजीव गांधी अचीवर्स एक्सीलेन्स अवॉर्ड; भारत श्री अलंकरण; SAARC 2017 में समरसता मञ्च कार्यक्रम के लिये मिशन एडवायजरी के रूप में राष्ट्रों के अन्तर्राष्ट्रीय मंच के लिये चयनितः महाराणा राजसिंह शिक्षण सेवा सम्मानः अन्तर्राष्ट्रीय अनुज्ञा सत्य नारी शक्ति सम्मान आदि जैसे अन्य अनेक सम्मान।
सम्प्रति : स्वतंत्र लेखन, व्याख्यान, कॉन्फ्रेन्स आदि।
पता : समपश्यना, 5 घ 2, सेक्टर 11. रामसिंह की बाड़ी, हिरण मगरी, उदयपुर – 313001 (राज.)
मो.: 7073626522

Reviews
There are no reviews yet.