बढ़ते औद्योगिक विकास के कारन एक और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन तेजी से होने तथा दूसरी और असंख्य कारखानों से फैलते प्रदूषण के कारन पर्यावरण अवनयन बड़ी तेजी से होते रहने के कारण भूमण्ड लीय संकट आ खड़ा हुआ है| मूक प्रकृति मानव की आवश्यकताओं को निरन्तर पूरा करती रहती है इसलिए पर्यावरण का शोषण और विनाश नहीं अपितु पोषण और संरक्षण करते हुए उसका दोहन करना चाहिए| सौरमंडल में पृथ्वी मात्र एक ही वासोपयोग ग्रह है, अतः इस पर अधिकारपूर्ण नहीं अपितु सहयोगवार व्यवहार करते रहने में ही हमारी भलाई है| वस्तुतः इस पर उपलब्ध समस्त संसाधनों को प्रकृति की देन, जीवन का वरदान एवं राष्ट्रीय संपदा मानकर इनके संवर्द्धन का प्रयास करना चाहिए| यह पुस्तक पर्यावरण के अर्थ से लेकर प्रदूषण से होने वाले अनर्थ तक व्याख्या प्रस्तुत करती है| साथ ही कारण – प्रभाव आधार पर पर्यावरणीय समस्याओं का हल भी प्रस्तुत करती है| सुबोध भाषा में लिखी यह अनूठी कृति जनसाधारण से लेकर स्नातक – स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, प्रशासक, उद्योगपति, नियोजनकर्ता, वकील, न्यायाधीश आदि रुचिशील अध्येत्ताओं तथा जिज्ञासुओं के लिए बड़ी ही उपयोगी सिद्ध होगी|
मानव और पर्यावरण
Human And Environment (Hindi)
₹595.00
Order on WhatsApp| ISBN | 8186231722 |
|---|---|
| Name of Authors | R.L. Lodha, Deepak Maheswari |
| Name of Authors (Hindi) | आर. एल. लोढ़ा , दीपक महेश्वरी |
| Edition | 1st |
| Book Type | Hard Back |
| Year | 1999 |
| Pages | 344 |
| Language | Hindi |
डॉ. राजमल लोढ़ा, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर भूगोल विभाग में सह आचार्य| तीस से भी अधिक वर्षों का अध्यापन एवं शोध अनुभव| डॉ. लोढ़ा 10 शोध परियोजनाएं पूरी कर चुके हैं| पर्यावरण पर आपका शोध कार्य पुर्णतः अंतर्विषयक रहा है| डॉ. लोढ़ा की खान शोध परियोजना को पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय, भारत सर्कार नई दिल्ली ने एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान कर इन्टरनेट पर प्रसारित करने हेतु चयन किया है| डॉ. लोढ़ा के 60 से अधिक शोध पत्र एवं 40 से अधिक लोकप्रिय लेख प्रकाशित हो चुके हैं| साथ ही आपकी 8 रेडियो वार्ताएं भी प्रसारित हुई हैं| आपकी प्रकशित 17 पुस्तकों में से 11 केवल पर्यावरण पर ही लिखित/सम्पादित हैं जिनमे Pesticides and Environmental Pollution, Mining and Environmental Stress, मानव और जैवमंडल, Environmental Strategies महत्वपूर्ण कृतियां है| आपकी तीन विदेश शैक्षणिक यात्राएं पर्यावरण, जनसंख्या एवं औद्योगिक भूगोल आदि के क्षेत्र में बड़ी उपादेय सिद्ध हुई हैं| डॉ. लोढ़ा ICSSR, UGC एवं अनेक संस्थाओं द्वारा चयनित एवं पुरस्कृत पर्यावरणविद् हैं|

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