Create an Account

भील संगीत और विवेचन

Bhil Music And Thought (Hindi)

250.00

ISBN: 8185167028
ISBN 8185167028
Name of Authors Malini Kale
Name of Authors (Hindi) मालिनी काले
Edition 1st
Book Type Hard Back
Year 1987
Pages 231
Language Hindi

भारतीय संस्कृति को उन्नत करने में भीलों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है| भीलों का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है| भील भारत के केन्द्र भाग खानदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा सतपुड़ा के बड़े भक्त रहे है| बांसवाडा और डूंगरपुर राजस्थान के वे भाग हैं जहाँ भीलों की ओसतन संख्या अधिक है| ये दोनों क्षेत्र वागड़ के नाम से विख्यात हैं| माही सोम की पावन धाराएं इन्हें सींचती रही है| फागुन में पलाश से यह सुन्दर दिखाई देता है| राजस्थान के पिछडे क्षेत्र होते हुए भी अपनी सांस्कृतिक परम्परा को भीलों ने संजोया है| भीलों का जीवन अनेक धार्मिक आस्ताओं और विश्वासों से जुड़ा हुआ है| भीलों के संस्कार एवं सामाजिक उत्सव पर्व से सम्बन्धित गीतों का संकलन एवं उनका संगेतिक द्रष्टि से विश्लेषण करना, इस पुस्तकक में मेरा मूल ध्येय रहा है| भीलों के नाच उनके पद संचालन की द्रष्टि से ताल मात्र बोल इत्यादि की संरचना इस पुस्तक में देने का प्रयास किया गया है|

व्याख्याता संगीत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छोटी सादड़ी| राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से भारतीय संगीत में एम.ए.| शाश्त्रीय संगीत, सुगम संगीत एवं नृत्य में रूचि| आकाशवाणी कलाकार| माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा भीलों के सांस्कृतिक जीवन पर अध्ययन| शिक्षा विभाग राजस्थान द्वारा आयोजित विविध गतिविधियों में विशेष योगदान|

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bhil Music And Thought (Hindi)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *