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भारतीय ज्ञान परम्परा: वैज्ञानिक एंव सामाजिक दृष्टिकोण

Bhartiya Gyan Parmpara Vagyanik avam Samajik Drishtikon (Hindi)

895.00

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ISBN: 9789367098943
ISBN 9789367098943
Name of Authors Prof. Kailash Sodhani, Prof. Kriti Singh, Dr. S.K. Kulshrestha,
Edition 1st
Book Type Paper Back
Year 2025
Pages 240

प्रो. कैलाश सोडाणी
कुलगुरु, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा
एक प्रख्यात शिक्षाविद् एवं अनुभवी शैक्षिक प्रशासक हैं। प्रो. सोडाणी महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर एवं गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बाँसवाड़ा में कुलपति के रूप में सफल नेतृत्व प्रदान कर चुके हैं। प्रो. सोडाणी ने अकादमिक लेखन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक छह पुस्तकें, तीन संपादित ग्रंथ तथा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं।

प्रो. कीर्ति सिंह
निदेशक, शिक्षा संकाय
एक प्रतिष्ठित एवं अनुभवी शिक्षाविद् हैं, इन्होने अनेक स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों का सफल मार्गदर्शन किया है तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता आश्वासन, शिक्षक-शिक्षा के मानक एवं NCTE दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन में सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रो. सिंह की अकादमिक उपलब्धियों में दो पुस्तकों का संपादन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में 30 से अधिक शोध लेखों का प्रकाशन शामिल है।

डॉ. एस. के. कुलश्रेष्ठ
सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग
एक प्रतिबद्ध एवं विद्वान शिक्षाविद हैं, शोध और लेखन के क्षेत्र में उनकी विशेष अभिरुचि आर्थिक संकेतकों के विश्लेषण तथा राजस्थान की क्षेत्रीय आर्थिक नीतियों के प्रभावों के अध्ययन में है।
डॉ. कुलश्रेष्ठ ने पीएच.डी. शोध निर्देशन के साथ-साथ अकादमिक जगत में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। वे एक पुस्तक का लेखन कर चुके हैं और उनके 25 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

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