डॉ. लोकेंद्र गुर्जर का जन्म कार्तिक कृष्ण द्वितीया (12 अक्टूबर 1984) को राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले के सेनावासा गाँव में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। प्रारंभ से ही आपको शिक्षा, अध्ययन एवं सामाजिक कार्यों के प्रति विशेष रुचि रही है।
डॉ. लोकेंद्र गुर्जर एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक हैं। आपने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए एम.ए., बी.एड., एल.एल.बी. तथा पीएच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। विशेष रूप से आपने संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास एवं भूगोल जैसे कुल आठ विषयों में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की डिग्रियाँ अर्जित की हैं, जो आपकी ज्ञान-पिपासा और अध्ययनशीलता का प्रमाण है। आप संस्कृत विषय में नेट/स्लेट उत्तीर्ण हैं तथा इसके अतिरिक्त आपने हिंदी विषय में अतिरिक्त स्नातक (बी.ए.) भी किया है। अपने करियर के प्रारंभिक दौर में आपने जिला न्यायालय में दो वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में कार्य करते हुए विभिन्न मामलों की पैरवी की, जिससे आपको समाज की वास्तविक समस्याओं को निकट से समझने का अवसर मिला। आपकी रुचि केवल अकादमिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आप सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी आपके भीतर पढ़ने और लिखने का निरंतर जुनून बना हुआ है, जो आपको निरंतर सृजनशील बनाए रखता है। यह पुस्तक, जो पर्यावरण एवं साँपों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है, आपके गहन अध्ययन, अनुभव और समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण का परिणाम है। आपकी यह कृति न केवल पाठकों को ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न करेगी।

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