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समाजशास्त्रीय चिन्तन के मूलाधार

Foundations of Sociological Thought (Hindi)

₹750.00 ₹675.00

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ISBN 9789367090336
Name of Authors Dr. Maniram Meena
Name of Authors (Hindi) डॉ. मनीराम मीणा
Edition 1st
Book Type Paper Back
Year 2026
Pages 255

प्रस्तुत पुस्तक “समाजशास्त्रीय चिन्तन के मूलाधार” प्रथम संस्करण 2026 में कुल 26 अध्याय है जिनको विभिन्न भागों में बांटा गया है। समाजशास्त्र का उद्भव, सामाजिक दर्शन, समाजशास्त्र, संक्रमण बौद्धिक प्रबोधन, फ्रांसीसी औधोगिक क्रान्ति एवं आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक शक्ति, ऑगस्त काम्टे प्रत्यक्षवाद, हर्बट स्पेन्सर-सामाजिक उद्ध‌विकास, विल फ्रेडो परेटो अभिजात वर्ग के परिभ्रमण की अवधारणा, मर्टन का सरंचनात्मक-प्रकार्यवाद, ए. आर. रेडक्लिफ-ब्राउन का प्रकार्यवाद, टॉलकट पारसन्स का सामाजिक क्रिया का सिद्धान्त, मेक्स वेबर का जीवन-चित्रण एवं कृतियाँ, मेक्स वेबर – सामाजिक क्रिया, मेक्स वेबर- नौकरशाही, मेक्स वेबर धर्म एवं पूँजीवाद, कार्ल मार्क्स – जीवन-चित्रण एवं प्रमुख रचनाएं, कार्ल मार्क्स- वर्ग एवं वर्ग संघर्ष, कार्ल मार्क्स अतिरिक्त मूल्य का सिद्धान्त, कार्ल मार्क्स-द्वंद्वात्मक भौतिकवाद, कार्ल मार्क्स- अलगाव, इमाईल दुर्खीम – जीवन चित्रण, इमाइल दुखींम – श्रम-विभाजन, इमाइल दुर्खीम – सामाजिक तथ्य, जी. एस. घुर्ये जीवन-चित्रण एवं जाति व्यवस्था, जी. एस. घुर्ये वर्ग-व्यवस्था, डी.पी. मुकर्जी का जीवन-चित्रण एवं भारतीय समाजशास्त्र में योगदान, डी. पी. मुकर्जी “परम्पराओं का द्वन्द्व” और राधाकमल मुकर्जी-सामाजिक मूल्य आदि की अवधारणाओं को अध्ययन की दृष्टि से सहज एवं सरल रूप में प्रस्तुत किया है जो UGC एवं नवीन शिक्षा प्रणाली के अनुसार विभिन्न विश्वविद्यालयों में समाजशास्त्र विषय के हिन्दी माध्यम के UG तृतीय वर्ष कला एवं PG के छात्रों के लिए उपयोगी एवं लाभकारी सिद्ध होगी।

डॉक्टर मनीराम मीणा

विभाग – आचार्य समाजशास्त्र, सेठ मधुरा दास बिनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाथद्वारा

जन्म तिथि – प्रथम जुलाई 1970, जन्म स्थान गांव- पोस्ट जटवाड़ा,

तहसील मण्डावर, रोड़ महवा, जिला- दौसा (राजस्थान)

शिक्षा-M.A. NET, Ph.D. समाजशास्त्र

आपने M.A. Sociology, समाजशास्त्र विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से नियमित विधार्थी के रूप में प्राप्त की एवं Ph.D. जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय उदयपुर से प्राप्त की। आप पिछले 28 वर्षों से समाजशास्त्र विषय के स्नातक स्तर एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के विधार्थियों को अध्यापन कार्य करा रहे हैं। डॉक्टर मनीराम मीणा के मार्गदर्शन में 4 शोधार्थी Ph.D. कर रहे हैं एक शोधार्थी की Ph.D. अवार्ड हों चुकी है। आपने 92 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार कान्फ्रेंस में भाग लिया एवं पत्रवाचन किया। आपके 42 शोध-पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल एवं पुस्तकों में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉक्टर मनीराम मीणा की प्रथम पुस्तक भारतीय समाज, द्वितीय पुस्तक भारतीय सामाजिक समस्याएं, तृतीय पुस्तक ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र तथा चतुर्थ पुस्तक समाजशास्त्र का परिचय प्रकाशित हो चुकी है। आप भारतीय समाजशास्त्र परिषद (ISA) एवं राजस्थान समाजशास्त्र परिषद (RSA) आदि संस्थाओं के आजीवन सदस्य हैं। डॉक्टर मनीराम मीणा 1999 से VBRI PG College (पूर्व अनुदानित) महाविद्यालय उदयपुर में प्राध्यापक समाजशास्त्र के पद पर स्थायी रुप से यूजीसी वेतनमान पर अपनी सेवाएं दी, राजस्थान सरकार द्वारा राजकीय सेवा में समायोजन के कारण 01 अगस्त 2011 से राजकीय सेवा में विभिन्न महाविद्यालयों में राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर, एवं प्रतापगढ़, में कार्य करते हुए वर्तमान में डॉक्टर मनीराम मीणा आचार्य समाजशास्त्र के पद पर सेठ मथुरा दास बिनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाथद्वारा में कार्यरत हैं एवं महाविद्यालय की विभिन्न कमेटियों छात्रवृत्ति स्कूटी योजना परीक्षा सम्बन्धी अनेक महत्वपूर्ण कार्य पुरी निष्ठा एवं मेहनत से करते हैं एवं आप गरीब छात्रों की सेवा करने में हमेशा ध्यान देते हैं।

वर्तमान सम्पर्क स्थायी पता- डॉक्टर मनीराम मीणा, आचार्य समाजशास्त्र, H.N.1069, बेदला चांदपोल कॉलोनी, बेदला, उदयपुर-313011 राजस्थान, मोबाइल नंबर-9413263198

Email: [email protected]

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