नाम- नंदिनी शर्मा
जन्म एवं स्थान – 03 मार्च 2005
माता- स्व ऋतु शर्मा,
पिता- श्री कैलाश शर्मा
शिक्षा- बी.ए., डिप्लोमा इन योगा एवं नेचुरोपैथी (योग प्रशिक्षक)
अध्ययनरत – एम.ए. (मनोविज्ञान)
मेरी यह किताब एक गहरे अवसाद के समुन्द्र में खिला कमल का फूल हैं, जिसमें जीवन के कई सारे पहलु सिमटे हुए हैं, मैंने कब क्या देखा, कब क्या महसूस किया, कितनी बार दिल पर चोट लगी और कितनी ही बार मुझे छला गया, सारा कुछ मैंने अपने शब्दो में उतार लिया, बगैर किसी शिकायत के और ये सब आज आपके सामने एक छोटी सी किताब के रूप में सजाया गया हैं, इसमें माँ का वात्सल्यमय योगदान हैं, उसके दिव्यंगत होने के बाद भी, इस पूरी किताब में उसकी पीड़ा का दस्तावेज़ हैं, वही हैं जिसने हमेशा से मुझे प्रेरित किया लिखने को और अपनी बात कविता के रूप में रखने को।
कोख चीरते वक़्त इतना दर्द कैसे सहती हो, देख फिर चेहरा मेरा तुम सुकून से हँसती हो…..

Reviews
There are no reviews yet.